
मेरी पूर्व कहानी में आपने पढ़ा था कि कैसे मैंने सारा आपा के हलाला से पहले नूरी खाला को चोदा था. देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ … कुछ वजह से आगे की कहानी पूरी नहीं लिख सका था, लीजिये पेश है आगे की कहानी.
सुबह पांच बजे मेरी आँख खुली तो नूरी खाला मुझसे से चिपट कर सो रही थीं. वे मेरे सीने से लिपटी हुई सोते हुए बड़ी प्यारी और मासूम लग रही थीं, उनको देखते ही मेरा संयम टूट गया. सोते देख मुझे उन पर प्यार आ गया और धीरे से मैंने उनकी गोरी पेशानी चूम ली. मेरे स्पर्श से वह जग गईं और बड़े प्यार से बोलीं- मेरी आँख लग गयी थी.





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